ऋणपत्रों का संपार्शिवक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन एवं ऋणपत्रों को निर्गमित करने की शर्तें Class12 Accountancy part2 Chap2 ऋणपत्रों का निर्गमन एवं मोचन I NCERT I 2025 - 26 I #fukeyeducation #online #video #class12 #biology
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ऋणपत्रों का संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन
(Debentures Issued as Collateral Security)
जब कोई कंपनी बैंक या किसी वित्तीय संस्था से ऋण लेती है, तो कई बार वह अपनी सुरक्षा के रूप में Debentures को Collateral (संपार्श्विक प्रतिभूति) के रूप में जारी करती है।
अर्थ:
संपार्श्विक प्रतिभूति का मतलब है—
मुख्य ऋण की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गारंटी देना।
यह Debentures सामान्य जनता को नहीं बेचे जाते, इन्हें केवल बैंक या ऋणदाता संस्था के पास गिरवी रखा जाता है।
⭐ कब जारी किए जाते हैं?
जब कंपनी को बड़ा ऋण चाहिए
बैंक को सुरक्षा (Security) की आवश्यकता हो
कंपनी दिखाना चाहती है कि उसके पास पर्याप्त संपत्ति / भरोसा है
⭐ मुख्य बिंदु (Important Points):
इन Debentures पर कोई वास्तविक वित्तीय प्रवाह नहीं होता, यानी पैसा कंपनी को नहीं मिलता।
इन्हें जारी करने पर कंपनी की देनदारियाँ नहीं बढ़तीं, क्योंकि इन्हें सार्वजनिक रूप से बेचा नहीं गया है।
यदि कंपनी ऋण चुकाने में असमर्थ रहती है, तो बैंक इन Debentures का लाभ उठाता है।
⭐ Journal Entries (लेखा प्रविष्टियाँ)
संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी Debentures के लिए दो विधियाँ होती हैं:
(A) No Entry Method (सबसे सामान्य तरीका)
इस विधि में कोई लेखा प्रविष्टि पास नहीं की जाती।
Notes to Accounts में उल्लेख (Disclosure) किया जाता है:
“₹ ______ के ऋण के विरुद्ध ₹ ______ के Debentures संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी किए गए।”
(B) Entry Method (यदि कंपनी प्रविष्टि बनाती है)
Debentures Suspense A/c Dr.
To Debentures A/c
(संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन)
Note: Suspense Account बैलेंस शीट के Assets Side में दिखाया जाता है।
⭐ 2️⃣ ऋणपत्रों को निर्गमित करने की शर्तें
(Conditions for Issue of Debentures)
किसी कंपनी को Debentures जारी करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कानूनी व वित्तीय शर्तों का पालन करना होता है:
(1) बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की स्वीकृति (Board Resolution)
कंपनी को Debentures जारी करने के लिए सबसे पहले Board Meeting में प्रस्ताव (Resolution) पास करना आवश्यक है।
(2) डिबेंचर ट्रस्टी की नियुक्ति (Appointment of Debenture Trustee)
SEBI के नियमों के अनुसार,
जब कंपनी सार्वजनिक को Debentures जारी करती है, तो उसे:
Debenture Trustee नियुक्त करना होता है
Debenture Trust Deed तैयार करनी होती है
(3) प्रॉस्पेक्टस / ऑफर डॉक्यूमेंट जारी करना
यदि Debentures जनता को बेचे जा रहे हों, तो कंपनी को:
प्रॉस्पेक्टस जारी करना
शर्तें, ब्याज दर, अवधि, सुरक्षा आदि बताना
जैसे:
Interest Rate (7%/8%/10%)
Redemption Term
Security Available
(4) SEBI और Companies Act के नियमों का पालन
face value
redemption rules
interest payment rules
इन सभी का पालन आवश्यक है।
(5) Debentures के लिए सुरक्षा (Security)
कंपनी को यह बताना होता है कि Debentures:
Secured हैं या
Unsecured
यदि Secured हैं → कंपनी अपनी संपत्ति गिरवी रखती है।
⭐ Short Exam-Ready Points
Debentures as Collateral:
अतिरिक्त सुरक्षा
बैंक/वित्त संस्था के पास गिरवी
No entry method most common
Financial position पर कोई प्रभाव नहीं
Conditions for Issue of Debentures:
Board approval
Debenture trustee
Prospectus
Legal compliance
Proper disclosure
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ऋणपत्रों का संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन
(Debentures Issued as Collateral Security)
जब कोई कंपनी बैंक या किसी वित्तीय संस्था से ऋण लेती है, तो कई बार वह अपनी सुरक्षा के रूप में Debentures को Collateral (संपार्श्विक प्रतिभूति) के रूप में जारी करती है।
अर्थ:
संपार्श्विक प्रतिभूति का मतलब है—
मुख्य ऋण की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गारंटी देना।
यह Debentures सामान्य जनता को नहीं बेचे जाते, इन्हें केवल बैंक या ऋणदाता संस्था के पास गिरवी रखा जाता है।
⭐ कब जारी किए जाते हैं?
जब कंपनी को बड़ा ऋण चाहिए
बैंक को सुरक्षा (Security) की आवश्यकता हो
कंपनी दिखाना चाहती है कि उसके पास पर्याप्त संपत्ति / भरोसा है
⭐ मुख्य बिंदु (Important Points):
इन Debentures पर कोई वास्तविक वित्तीय प्रवाह नहीं होता, यानी पैसा कंपनी को नहीं मिलता।
इन्हें जारी करने पर कंपनी की देनदारियाँ नहीं बढ़तीं, क्योंकि इन्हें सार्वजनिक रूप से बेचा नहीं गया है।
यदि कंपनी ऋण चुकाने में असमर्थ रहती है, तो बैंक इन Debentures का लाभ उठाता है।
⭐ Journal Entries (लेखा प्रविष्टियाँ)
संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी Debentures के लिए दो विधियाँ होती हैं:
(A) No Entry Method (सबसे सामान्य तरीका)
इस विधि में कोई लेखा प्रविष्टि पास नहीं की जाती।
Notes to Accounts में उल्लेख (Disclosure) किया जाता है:
“₹ ______ के ऋण के विरुद्ध ₹ ______ के Debentures संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी किए गए।”
(B) Entry Method (यदि कंपनी प्रविष्टि बनाती है)
Debentures Suspense A/c Dr.
To Debentures A/c
(संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन)
Note: Suspense Account बैलेंस शीट के Assets Side में दिखाया जाता है।
⭐ 2️⃣ ऋणपत्रों को निर्गमित करने की शर्तें
(Conditions for Issue of Debentures)
किसी कंपनी को Debentures जारी करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कानूनी व वित्तीय शर्तों का पालन करना होता है:
(1) बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की स्वीकृति (Board Resolution)
कंपनी को Debentures जारी करने के लिए सबसे पहले Board Meeting में प्रस्ताव (Resolution) पास करना आवश्यक है।
(2) डिबेंचर ट्रस्टी की नियुक्ति (Appointment of Debenture Trustee)
SEBI के नियमों के अनुसार,
जब कंपनी सार्वजनिक को Debentures जारी करती है, तो उसे:
Debenture Trustee नियुक्त करना होता है
Debenture Trust Deed तैयार करनी होती है
(3) प्रॉस्पेक्टस / ऑफर डॉक्यूमेंट जारी करना
यदि Debentures जनता को बेचे जा रहे हों, तो कंपनी को:
प्रॉस्पेक्टस जारी करना
शर्तें, ब्याज दर, अवधि, सुरक्षा आदि बताना
जैसे:
Interest Rate (7%/8%/10%)
Redemption Term
Security Available
(4) SEBI और Companies Act के नियमों का पालन
face value
redemption rules
interest payment rules
इन सभी का पालन आवश्यक है।
(5) Debentures के लिए सुरक्षा (Security)
कंपनी को यह बताना होता है कि Debentures:
Secured हैं या
Unsecured
यदि Secured हैं → कंपनी अपनी संपत्ति गिरवी रखती है।
⭐ Short Exam-Ready Points
Debentures as Collateral:
अतिरिक्त सुरक्षा
बैंक/वित्त संस्था के पास गिरवी
No entry method most common
Financial position पर कोई प्रभाव नहीं
Conditions for Issue of Debentures:
Board approval
Debenture trustee
Prospectus
Legal compliance
Proper disclosure
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- Кредит залог
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